1. HINDI KE SAMMAAN MAIN

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    हिंदी के सम्मान में कुछ काव्यात्मक व्याख्यान करूँ, कभी दिनकर, कभी प्रेमचंद, कभी निराला का आह्वान करूँ | यूँ तो हिंदी हर रग में है, पर कवियों के लिए बनी जान है हिंदी, कभी दिखती दोहों में तो, छन्दों की बनी शान है हिंदी | कभी दर्शाये गीतों को तो,...