1. द्रोपदी का पत्र

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    प्रिय नारी तुझे अबला कहो, सबला या बेचारी क्षमा करना देवी तेरी भावनाओ को आहत करने की मंशा नहीं हैं इस वीभत्स पुरष का अनाचार अभी तक रुका नहीं हैं मैं सोच रही थी कि अगर उस समय भी सविधान होता तो में कोर्ट के चक्कर लगाती रहती और दुशासन...