1. तेरी यह चंचल मुस्कान

    by
    Comment
    तेरी यह चंचल मुस्कान…… इस धरती पर जब तू आई थी मेरे आंगन में खुशियां छाई थी तेरी नन्ही नन्ही आंखों में न जाने किसकी परछाईं थी तेरी हंसती बेजुबां किलकारी में मेरे हर मर्ज की दवाई थी कांटों से भरी इस जिंदगी में जब एक नन्ही मुस्कान खिलाई थी...