1. ए वीरो तुम्हे हे सलाम।

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    तुमने ना की किसीकी परवा, ना की कोई गुज़ारिश, दुसरो की रक्षा करना हे तुम्हारी ख्वाहिश। मर मिट्टे हे रोज इस भूमि पर कोई ना कोई, शहीद होनेवाले तो सिर्फ तुम ही यही। कर्ज इस मातृभूमि का सिर्फ तुम ही उतार जाओगे, तुम सरहद पर खडे हमे यहा बचाओगे। तुम्हारा...