एक बार फिर स्वतंत्र, भारत वर्ष महान हो…

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विस्मृत गौरव गाथाओं का, हमें पुनः ज्ञान हो,
एक धर्म हो मानवता, भारतीयता पहचान हो,
यों स्वतंत्र हों विचार, नव स्वतंत्र गान हो,
एक बार फिर स्वतंत्र , भारत वर्ष महान हो…!!!
आंख मूँद क्यों चलें, क्यों अनुसरण करें,
स्वयं विचारते नहीं, क्या करें क्या न करें,
स्व-संस्कृति प्यारी हो, निजता पर अभिमान हो,
एक बार फिर स्वतंत्र , भारत वर्ष महान हो…!!!
सच का साथ दे सकें और गलत बदल सकें,
जिसपे चलने मन करे, राह वो चल सकें,
हो शिखर जिसका हश्र, वो शुरू अभियान हो,
एक बार फिर स्वतंत्र , भारत वर्ष महान हो…!!!
प्रेम गुनगुना सकें, विश्वास को अपना सकें,
ईमान बाकी है अभी, खुद को ये समझा सकें,
मृत्यु आये चाहे जब, पर जीवन आसान हो,
एक बार फिर स्वतंत्र , भारत वर्ष महान हो…!!!
खोखला करती दीमकों से, घर बनाती चीटियों से,
अन्यायपूर्ण नीतिओं से, व्यर्थ की कुरीतियों से,
एक बार फिर स्वतंत्र , भारत वर्ष महान हो…!!!
एक बार फिर स्वतंत्र , भारत वर्ष महान हो…!!!

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