जन्म दूसरा लो

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जन्म दूसरा लो रामप्रसाद
तुम भी लौट आओ आजाद

कहीं से तो दिखता होगा जगत
धरती पैर उतर आओ भगत

दफ्टर-दफ्तर होता घोटाला
ये रोक दो तुम आके लाला

भरष्टाचार, गरीबी, मजबूरी
है मेरे देश में स्वतंत्र
डूबता सा दिखे गणतंत्र
कर सकूं सुरक्षा सबकी
बापू दो कोई ऐसा मन्त्र

जो शिक्षा तुम दो राज गुरु
तो सफल जीवन अपना करू

———–तनवीर आलम

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