तितली रानी

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तितली रानी उड़कर मेरे पास तो आओ
सुन्दर पुष्प कहाँ खिलते हैं पता बताओ

उन पुष्पों को चुनकर माला तैयार करूँगा
एक परम पूज्य प्रतिमा का श्रृंगार करूँगा

तुम बूझ सको तो बूझो किसकी प्रतिमा है
जिसकी पूजा करने को मन आतुर इतना है

आँचल में जिसके मैं इतनी क्रीड़ा करता हूँ
चुपचाप वो सहती है जितनी पीड़ा करता हूँ

वो अन्न मुझे देती है जल भी देती है
कितनी सारी खुशियाँ मुझको हर पल देती है

लगता मेरा उससे कुछ गहरा नाता है
दादी मेरी कहती है वो भारत माता है

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