मैं, मेरा देश और हम आइ.आइ.आइ. टीयन्स

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यह देश है मेरा ,मैं इसका वासी हूँ,
जो कुछ इसने मुझे दिया है मैं इसका आभारी हूँ |
अब है मेरी बारी ,मुझे कुछ कर दिखाना है,
इंजीनियरिंग की राह पे चल कर देश का सर ऊँचा कराना है |
आज, भले ही मेरा देश एक प्रगतिशील देश है,
पर वोह हम ही हैं जिन्हें इसे विकसित बनाना है ।

हम्मे से कुछ भ्रष्टाचार का बहाना दे, कर्तव्य से पीछे हट जाते हैं,
पर असल में वोह हम्मे से ही हैं जो भ्रष्टाचार को फैलाते हैं |
आज के नौजवान देश की ऐसी इस्थिथि देख विदेश चले जाते हैं,
पर अपने ही देश की गन्दगी साफ़ करने से कतरातें हैं।

हम सबका उद्देश्य अपने को एक अच्छा इंजिनियर बनाना है,
पर असल में आधों को तो सिर्फ़ पैसा कमाना है |
पैसे से बड़ी होती है इज्ज़त, ये कौन इन्हे समझाए ?
…पैसे से बड़ी होती है इज्ज़त, ये कौन इन्हे समझाए ?
अगर सच्चे हिन्दुस्तानी हैं तो देश में रहकर उसे उचाइयों पर ले जाएँ ।

इसलिए आज ही प्रन लो, की हम सब नौजावान मिलकर इस देश को वर्ल्ड पावर बनाएँगे ,
कम से कम ‘सूचना प्रोद्योगी’ के छेत्र में तो इसे अव्‍वल नम्बर पर ले जायेंगे |
अगर इसी तरह हर व्यक्ति, देश के प्रति अपना कर्तव्य निभाएगा,
तो देखना मेरे दोस्त, हमारा देश सोने की चिडिया फिर से बन जाएगा |

जय हिंद!!

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