वंदेमातरम गाया

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वंदेमातरम गाया

देश के शहीदों को नमन बारम्बार हमारा
सीमाओं पर जाकर शत्रुओं को ललकारा
आज़ादी का बिगुल बजाकर प्राणों को वारा
थमती हुई साँसों ने वंदेमातरम गाया .

आज़ादी के संकल्पों से माँ को था चूमा
ज्वालाओं की देह बन बैरियों को था भूना
बलिदान अपना करके वायदा था निभाया
बिछुड़ती हुई साँसों ने वंदेमातरम गाया .

बन के सरहदों के मेरुदंड बन गए मोर्चा
करके संहार रिपुओं का इतिहास नया रचा
दगाबाजों को मिटाकर स्वयं को था मिटाया
ठहरती हुई नब्जों ने वंदेमातरम गाया .

जिसकी माटी में खेलकर बचपन था झूला
जिस माता का अन्न -फल खाकर यौवन था झूमा
दे कर अपने प्राण माता का ऋण था चुकाया
माता की दुआओं ने वंदेमातरम गाया .

बसा था जिनके फौलादी सीनों में तिरंगा
बनके विजयी तिरंगा था मौत को रंगा
इसकी शान के खातिर जौहर था दिखलाया
मौन हुई साँसों ने वंदेमातरम गाया .

माता की लाज बचाने किया सीनों को लाल
कफन मातृभूमि का बाँधकर बने महाकाल
कर्तव्य अपना अदा कर मौत को गले लगाया
निकलते हुए प्राणों ने वंदेमातरम गाया .

बेड़ियों को भस्म किया बन के प्राणों का लावा
अजर – अमर होकर देश का गौरव था बढ़ाया
बिछुड़े जो थे आज़ादी ने बच्चो को बताया
बच्चो की नम पलकों ने वंदेमातरम गाया .

रण स्तंभ बनके नाम उनका अंकित हो गया
अमर जवान ज्योति बनकर के देश भक्ति रहे जगा
सपना आज़ाद भारत का साकार कराया
मिलकर पंचतत्वों ने वंदेमातरम गाया .

केसरिया बाना पहन के रक्त फाग का खेला
आज़ादी का सूरज बन नया सवेरा फैला
धर्म , देश , न्याय के लिए शीश नहीं था झुकाया
वीरों की कुर्बानी ने वंदेमातरम गाया .

शहादत अपनी दे चमन देश का रहे महका
स्वयं को सुलाकर स्वाधीनता को गए जगा
उजड़े न किसी की कोख मोल कोख का चुकाया
फलित पवित्र कोखों ने वंदेमातरम गाया .

आज़ादी की विरासत दे ऋणी हुई पीढ़ियां
श्रद्धा सुमन चढ़ा के देश – जग दे रहा श्रद्धांजलि
राष्ट्रीय धर्म निभाकर स्वतंत्रता को गूंजाया
आखिरी महासफ़र ने वंदेमातरम गाया .

बन के भारत के आज़ादी गीत जन गा रहा
बन के राष्ट्रीय पर्व देश है तुम्हें पूज रहा
भारत माँ आज़ाद रहे नारा बुलंद कराया
स्वाधीनता महान ने वंदेमातरम गाया .

शहादत की जीवनी बन जीवनी रहे सूना
क्रांतिकारियों की अमर कहानियाँ रहे बता
सौंपकर आज़ादी आज़ाद रहना सिखाया
अलबिदा कह साँसों ने वंदेमातरम गाया .

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