स्वराज का आना बाकी है |

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( १ )
स्वराज का आना बाकी है|

मानव ; मानवता से दूर,
उत्कर्ष अभी भी बाकी है|
आज़ादी का सही अर्थ मे,
भाव जगाना बाकी है |
किया बहुत उत्थान ,
पतन की राह मिटाना बाकी है|
प्रजातांत्रिक “भारत” में ,
स्वराज का आना बाकी है ||

भरत शर्मा “भारत”
18, शिवपुरी, बॅंक ऑफ इंडिया के पीछे
कालवाड़ रोड , झोटवाड़ा , जयपुर
राजस्थान 302012
सचल दूरभाष 09829711011

( २ )

आज़ादी का सपना

आज़ादी सपना बन आई, स्वपन हक़ीकत हीन रहा |
गली मोह्हले बाज़ारों में , बचपन कचरा बीन रहा ||
गली मोह्हले………………
अपने अपने हक़ की रोटी, जनता का अधिकार बना|
रैन बसेरे मिलने चाहिए , इसका भी आधार बना |
दशकों बीते इसी आस में , अंतर नहीं नवीन रहा |
राजे; महाराजे बन बैठे , जन पहले सा दीन रहा ||
गली मोह्हले……………….
भावी भारत आज देश में , निगाह पसारे बैठा है |
रोज़गार के कम अवसर से , कुंठित होकर ऐंठा है |
बंदर बाट मचाई ऐसी , गण से तन्त्र कुलीन रहा |
कैसी आज़ादी उसका तो , वाज़िब हक़ ही छीन रहा||
गली मोह्हले……………..
सामाजिक सद्‍भाव बट गये, अब काबा और काशी में|
उग्रवाद की लपटें उठती , काश्मीर कैलाशी में |
लूट डकैती व्यभिचार से , अमन चमन गमगीन रहा |
“भारत” सारा रोम जल उठा, नीरो फिर तल्लीन रहा||
गली मोह्हले………………

भरत शर्मा “भारत”
18 , शिवपुरी बॅंक ऑफ इंडिया के पीछे
कालवाड़ रोड , झोटवाड़ा , जयपुर
राजस्थान 302012
सचल दूरभाष : 09829711011

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